Sunday, April 23, 2023
मेरी कलम से संपादक
मेरी कलम से
'खबरों में भवानीपुर कॉलेज 'ई-बुक का प्रकाशन होना मेरे लिए एक सुखद यात्रा की तरह है। भवानीपुर कॉलेज कभी रुका नहीं, हर पल गतिशील रहा । कोरोना काल में भी अॉन-लाइन इवेंट होते रहे। अॉफ लाइन में कॉलेज विद्यार्थियों की उपस्थिति से ऊर्जावान बना रहता था। हर परिस्थिति में भवानीपुर कॉलेज की फैकल्टी विद्यार्थियों के साथ रही है। कॉलेज में होनेवाले विभिन्न कार्यक्रमों की हिंदी में रिपोर्टिंग करने का कार्य मेरा रहा जिसे मैंने इस ई-बुक में एक साथ संकलित किया है। इससे सबसे बड़ी सुविधा यह होगी कि भवानीपुर एजूकेशन सोसाइटी कॉलेज में होने वाले कार्यक्रमों की रिपोर्ट को एक जगह 2019-2022 तक की खबरों को एक साथ पढ़ा जा सकेगा।
किसी समाचार को लिखते हुए जिन छह सवालों का जवाब देने की कोशिश की जाती है, वे हैं-क्या हुआ?किसके साथ हुआ?कब हुआ?कहाँ हुआ?कैसे हुआ?क्यों हुआ?इस क्या, किसके (या कौन), कब, कहाँ, कैसे और क्यों को ही छह ककार हैं जो घटित घटनाओं को एक आकार देते हैं ।
मैं 25 वर्षों हिंदी की अध्यापिका रही हूँ। साथ में, पत्रकारिता और जनसंचार माध्यमों से बराबर जुड़ी रहती हूँ। लगभग तेईस वर्षों से समाचार पत्रों में लिखना और छपना दोनों होता रहा है, चाहे कोई भी विधा हो, कविता, लेख, निबंध आदि कुछ भी हो। प्रेसीडेंसी कॉलेज, रवीन्द्र भारती युनिवर्सिटी, जयपुरिया कॉलेज, सेंट पॉल कॉलेज, विद्यासागर युनिवर्सिटी (पश्चिमी मेदिनीपुर) और इग्नू में मीडिया का पेपर लेती रही। वहीं से मेरे लेखन में रिपोर्टिंग विधा भी जुड़ गई। मूर्ति देवी पुरस्कृत पद्मश्री डॉ. कृष्ण बिहारी मिश्र की ये पुस्तकें जिनसे पत्रकारिता के विषय में मुझे विस्तार से जानने का अवसर मिला। इन पुस्तकों में हिन्दी पत्रकारिता का विस्तृत मूल्यांकन मिलता है।‘हिन्दी पत्रकारिता : जातीय चेतना और खड़ी बोली साहित्य की निर्माण भूमि’, ‘पत्रकारिता : इतिहास और प्रश्न’, ‘हिन्दी पत्रकारिता : जातीय अस्मिता की जागरण भूमिका’, ‘गणेश शंकर विद्यार्थी’, ‘हिन्दी पत्रकारिता : राजस्थानी आयोजन की कृती भूमिका’ आदि डॉ.कृष्ण बिहारी मिश्र की पत्रकारिता पर केन्द्रित विशिष्ट आलोचनात्मक पुस्तकें हैं जिनसे पत्रकारिता के एथिक्स सीखे जा सकते हैं।
समाचार के मुखड़े (इंट्रो) यानी पहले पैराग्राफ़ या शुरुआती दो-तीन पंक्तियों में आमतौर पर तीन या चार ककारों को आधार बनाकर खबर लिखी जाती है। ये चार ककार हैं-क्या, कौन, कब और कहाँ? इसके बाद समाचार की बॉडी में और समापन के पहले बाकी दो ककारों-कैसे ‘ और क्यों-का जवाब दिया जाता है। इस तरह छह ककारों के आधार पर समाचार तैयार होता है। इनमें से पहले चार ककार-क्या, कौन, कब और कहाँ-सूचनात्मक और तथ्यों पर आधारित होते हैं जबकि बाकी दो ककारों-कैसे और क्यों-में विवरणात्मक, व्याख्यात्मक और विश्लेषणात्मक पहलू पर जोर दिया जाता है।
भवानीपुर एजूकेशन सोसाइटी कॉलेज में तीन सौ पैंसठ दिनों में प्रति सप्ताह औसतन तीन से चार कार्यक्रम तो होते ही हैं।बहुत- सी रिपोर्ट तो छूट भी जाती हैं। बीए, बीकॉम, बीबीए, एमकॉम आदि की कक्षाएँ सुबह, दोपहर और सांध्य तीनों सत्रों में चलती हैं।कॉलेज में अट्ठारह कलेक्टिव ग्रुप हैं जिनको विद्यार्थियों द्वारा संचालित किया जाता है।ये सभी कलेक्टिव साहित्य, संगीत और कला के साथ- साथ वृहत्तर विषयों को लेकर हैं। एन एक्ट-थियेटर, फ्लेम - नृत्य, क्रिसेंडो - संगीत, स्पोर्ट्स, कॉमर्स- कैरियर, प्लेसमेंट, ओरिएंटेशन, फैशनिस्टा, ओपन माइक,आर्ट एंड क्राफ्ट, प्रेमचंद जयंती, साहिर लुधियानवी पर कार्यक्रम, हिंदी पत्रकारिता पर कार्यशाला, वेबिनार आदि के अलावा वार्षिक उत्सव 'उमंग' और फिल्म के प्रोमोशन के लिए अक्षय कुमार, संजय दत्त, जाह्नवी कपूर, वरुण धवन जैसे अभिनेता और अभिनेत्रियों का आना आदि अनगिनत कार्यक्रम होते रहे हैं।
कोरोना के दौरान भी कॉलेज की फैकल्टी और मैनेजमेंट के पदाधिकारियों ने अप्रैल 2020 से विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास , सामाजिक दूरी और मानसिक स्वास्थता को ध्यान में रखते हुए कक्षाओं के साथ-साथ सेमिनार और अन्य परिचर्चाओं को अॉन-लाइन जारी रखा।
'खबरों में भवानीपुर कॉलेज' ई-बुक में उन्हीं खबरों को स्थान मिला है जो शुभजित. कॉम में प्रकाशित हुई हैं। कोलकाता के बहुत से प्रतिष्ठित हिंदी समाचार पत्र जैसे सन्मार्ग, छपते छपते, प्रभात खबर, विश्वमित्र, सलाम दुनिया, समाज्ञा, राजस्थान पत्रिका आदि ने भी समय-समय पर भवानीपुर कॉलेज की प्रमुख खबरों को स्थान दिया है। अंग्रेजी के पत्रों जैसे टाइम्स ऑफ इंडिया, स्टेस्मैन, टेलीग्राफ आदि में भवानीपुर कॉलेज की खबरें प्रमुखता प्राप्त करती हैं। जल्द ही, अन्य समाचार पत्रों में प्रकाशित संबंधित खबरों को भी संकलित करने का प्रयास करूंँगी ।
भवानीपुर एजूकेशन सोसाइटी कॉलेज के डीन प्रो. दिलीप शाह ने मुझे कॉलेज की हिंदी रिपोर्टिंग के लिए बराबर प्रोत्साहित किया है। प्रो. शाह कहते हैं, 'कॉलेज का इवेंट एक ओर समाप्त होता है और वसुंधरा जी की रिपोर्ट तैयार हो जाती है, सबसे बड़ी बात है कि खबर ताजा छपती है।' कॉलेज के उपाध्यक्ष मिराज डी शाह ने मेरी हर खबर को मान्यता दी है। मैनेजमेंट की प्रमुख सोहिला भाटिया का सहयोग सदैव प्राप्त होता रहा है। सुबह की को-ऑर्डिनेटर प्रो. मीनाक्षी चतुर्वेदी ने मेरा सदैव उत्साहवर्धन किया है और प्रो. दिव्या उदेशी ने मुझे अॉफिसियल रूप से रिपोर्ट भेजी। मैं सभी का आभार व्यक्त करती हूँ।
शुभजित की संस्थापिका सुषमा त्रिपाठी को धन्यवाद जिन्होंने ई-बुक 'खबरों में भवानीपुर कॉलेज' को आकार दिया।
आशा करती हूँ कि रिपोर्टिंग लिखने में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों एवं पाठकों के लिए यह ई-बुक सहायक होगी।
नए वर्ष की शुभकामनाओं सहित।
डॉ. वसुंधरा मिश्र
कॉमर्स विभाग, (आफ्टरनून एंड इवनिंग)
भवानीपुर एजूकेशन सोसाइटी कॉलेज
5,लाला लाजपत राय सरणी, एल्गिन रोड
कोलकाता -700020
ईमेल:mishrakolkata@gmail.com
मोबाइल :9874977382
दिनांक: 03.01.2022
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