Tuesday, September 13, 2022
कविता द्वारा
वसुंधरा
शत-शत नमन तुमको, हे वसुंधरा।
तुमसे ही हैं ये जीव सारे ओ धरा।
तुमने ही जीवनदान है सबको दिया।
सुख-भाग सबको बाँटती हो ओ धरा।
सुख और दुख समरूप से हो झेेलती।
उर में छिपा लेती हो निज दुख ओ धरा।
सबको तुम्हीं हो बाँटती अमृत-सुधा,
पर मिला तुमको गरल-विष ओ धरा।
उफ़ न करती तुम रही हँसती सदा।
जग ने कहाँ समझा है तुमको ओ धरा।
द्वितीय राष्ट्रीय नाट्य उत्सव का उद्घाटन समारोह संपन्न रिपोर्ट
https://www.shubhjita.com/द्वितीय-राष्ट्रीय-हिंदी/
Monday, September 12, 2022
डॉ सुमन मुखर्जी (रिपोर्ट)
भवानीपुर एजूकेशन सोसाइटी कॉलेज के डायरेक्टर जनरल प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ सुमन मुखर्जी ने मेन्टर के रूप में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।इस अवसर पर डॉ सुमन मुखर्जी ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए अपने विचार व्यक्त किए। यह कार्यक्रम एक पेशेवर निकाय द्वारा किया गया था जिसमें सीए सीएमए, सीएस वकील शामिल थे। कॉर्पोरेट सलाहकार और अधिकारियों की ACAE एसोसिएशन द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम ताज बंगाल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में भारत में डिजिटल तकनीक, सांस्थानिक ढांचे और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषयों पर सभी गणमान्य वक्ताओं ने अपने वक्तव्य रखे। प्रमुख अतिथि आईसीएआई नई दिल्ली अध्यक्ष सीए डॉ देबाशीष मित्रा की उपस्थिति में एसीएई का वार्षिक कॉन्फ्रेंस 22 का आयोजन किया गया।
विपणन रूपांतरण पर चर्चा (रिपोर्ट)
भवानीपुर कॉलेज के विद्यार्थियों ने विपणन रूपांतरण विषय पर की चर्चा - - -
भवानीपुर एजूकेशन सोसाइटी कॉलेज के जुबली सभागार में कॉमर्स लैब के अंतर्गत मार्केटिंग मेटाफारमेसिस विषय पर विद्यार्थियों ने चर्चा की। कॉलेज के डीन प्रो दिलीप शाह ने कॉमर्स लैब के अंतर्गत विपणन कायाकल्प के उद्देश्य को रखते हुए मार्केटिंग के महत्वपूर्ण पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए एक उदाहरण स्वरूप है जिसमें वे अलग - अलग उत्पाद की मार्केटिंग का अनुभव प्राप्त करेंगे। मेटाफारमेसिस का अर्थ है किसी भी क्षेत्र में कायाकल्प या रूपांतरण करना। विद्यार्थियों ने स्वयं अपने विभिन्न उत्पादों की मार्केटिंग की। यह कार्यक्रम तीन भागों में विभाजित रहा। प्रथम भाग में प्रोडक्ट पिचिंग बाजार के विभिन्न उत्पादों के स्लोगन पूछे गए और द्वितीय भाग में गैस दि प्रोडक्ट और तृतीय भाग में मिम पिक्चर द्वारा विद्यार्थियों की टीम ने प्रतियोगिता में भाग लिया। इस कार्यक्रम के सहसंयोजन और वक्ता के रूप में प्रो लक्ष्मी झा, प्रो दिव्या उदेशी, प्रो नितीन चतुर्वेदी रहे।कार्यक्रम के आरंभ में प्रो दिव्या उदेशी ने मार्केटिंग पर अपने विचार व्यक्त किए ।विद्यार्थियों की उनतीस टीमों ने अपने प्रोडक्ट डांडिया, नेलपालिश, स्मोक डिटेक्टर, कैलकुलेटर, लैंप, लिप बाम, जेली, मीरर, वायर, प्रैशर कूकर, शर्ट, नाइफ, कैप, रेडियो, सीसी टीवी , सुपर कम्पास, नेलकटर, नेक मसाज, नेल, फेवकोल, डस्टबीन, स्करुड्राइ, बेल्ट, सार्ट, कंबल, फोन कवर, स्मार्ट वाच, स्वीच आदि ने अपने उत्पादन की मार्केटिंग की।वहीं दिवारें बोल उठेंगी - जेके वाल पुट्टी, टोटल कंट्रोल - जेके टायर, ऐसी आजादी और कहां - एअर टेल, प्रकृति का आशीर्वाद - पतंजलि, पैंट योर ईमेजिनेसन - बर्जर पेंट, शुभआरंभ - सेलेब्रेशन आदि विभिन्न स्लोगनों के उत्तर पूछे गए। प्रो नितीन चतुर्वेदी ने मिम पिक्चर के विषय पर वक्तव्य देते हुए स्लाइड पिक्चर्स द्वारा मिम द्वारा बाजार उत्पाद के प्रति लोगों को आकर्षित कैसे किया जाए, बताया। निर्णायक मंडल में साक्षी शॉ, दुष्यंत चतुर्वेदी, पूजा अग्रवाल , और अमृता राय चौधरी ने अपने निर्णय रखे। प्रमुख अतिथि निर्णायक आईआईएम जयशंकर गोपाल ने अंत में सभी प्रतिभागियों को समवेत रूप से प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान दिए।आईआईएम जयशंकर ने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा अपने उत्पादों में अंग्रेजी, हिंदी और बांग्ला आदि बहुविध भाषा का प्रयोग किया जो हमें हमारी संस्कृति से जोड़ती है जिससे उत्पाद के प्रति लोगों का ध्यान आकर्षित होता है, जो बाजार बढ़ाने में कारगर सिद्ध होता है। डीन्स अॉफिस द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में प्रो मीनाक्षी चतुर्वेदी, प्रो दिलीप शाह ने सभी निर्णायकों और विजेता विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट प्रदान किए। कैरियर कनेक्ट प्रो उर्वी शुक्ला ने अपने वक्तव्य में मार्केटिंग के परंपरागत तरीकों में नए रूप में अपने विचार लाने के लिए विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में सौ से अधिक विद्यार्थियों की उपस्थिति रही ।कार्यक्रम का संचालन किया प्रो लक्ष्मी झा, प्रो दिव्या उदेशी और प्रो नितीन चतुर्वेदी ने। प्रो मीनाक्षी चतुर्वेदी ने अपना धन्यवाद वक्तव्य रखा। शिक्षण और शिक्षिकाओं ने भी इसमें भाग लिया। कार्यक्रम की जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने ।
Sunday, September 11, 2022
बहती नदी (कविता)
बहती नदी
पूछा नदी को
कहांँ बहती जा रही हो
तुम वही हो
तुम्हारी नियति वही है
एक पूरी संस्कृति को ढोती
क्या तुम स्त्री हो
तुम्हारे दोनों किनारों पर बसे हैं
गाँव शहर महानगर
जिनसे जुड़ती है तुम्हारी कहानी
तुम तो बहती नदी हो
चलती हो उछलती हो चंचल हो सुंदर युवती सी हो।
@वसुंधरा मिश्र, 6.9.22
कुछ बातें (कविता)
*कुछ बातें बस बातें ही
बन कर जी लेती हैं
*उनको तो खबर ही न थी
पूरे शहर के हंगामे की
रात के गहरे अंधेरे को चीर
कुछ राज खुल चुके थे
बाकी थी जो उसकी आत्महत्या
जो इसी रात घट चुकी थी
*उन्हें थी आहट
उनके आने की
तभी तो रात
कब सुबह हो गई
जान ही न पाए
*तुम पर प्यार ही प्यार बरसने लगा
यह तो दिल का धड़कना है
* प्रेम में कब हम गए भीग
कपड़े और जेवर सूखे ही रहे
@वसुंधरा मिश्र 6.9.22
गढ्ढों की जय हो (कविता)
गढ्ढों की जय हो
सड़क के दोनों तटों के बीच गढ्ढे
क्या सड़क है?
उस पर चलने का मजा ही कुछ और है
टोटो अॉटो का रिश्तेदार
उसकी सवारी करने का
सफेद बालों वाला बेचारा वह जवान
काले बालों वाली मैं जवान सी दिखने वाली
टोटो के हिचकोलों ने कितने करीब ला दिया
याद आ गए कॉलेज के वे दिन
बाइक पे बैठ जब हो जाती थी सभी दूरियाँ दूर
जान बूझ कर खोजी जाती थीं ऐसी सड़कों को
अब तो हर सड़क पर नमूने बने हैं
गढ्ढे भी सोच - समझ कर डिजाइनदार बनते हैं
कभी दायीं ओर का पहिया धँस जाता
तो कभी बायें गढ्ढे के पहिया संतुलित करता
वो परेशान सा कभी मेरे बाएंँ कंधे से टकराता
तो कभी बाएंँ हाथ से स्पर्श कर जाता
धीरे से पूछने लगा
लगी तो नहीं, सड़कें ही ऐसी हैं
अरे ये गढ्ढे क्या हैं, जान की आफत हैं
जोर से रॉड को पकड़े रहें
सीट भी उछल उछल गढ्ढे को निहारने में लगी है
छह महीने में ही उनके कपड़े जगह-जगह से फटने लगते हैं
कभी पूजा की आस या फिर चुनाव के इंतजार में गढ्ढों को गालियाँ सुननी पड़ती
आते-जाते सभी ताने मारते
भगवान ही मालिक है
कभी हम टोटो पे तो कभी टोटो हमपे
खैर हम सभी प्यारे गढ्ढों को धन्यवाद देते हुए
सकुशल पहुँचने वाले ही थे
कि हमारी बातों का सिलसिला
सरकार, राजनीति के कई गलियारों से गुजरा
मीडिया, भ्रष्टाचार और न जाने क्या क्या
पर वह बात तो हुई ही नहीं
जिस तरह से टकराए थे
गढ्ढे अच्छों अच्छों को मिलाते हैं
तो तोड़ भी देते हैं
पूरी सावधानी से सुरक्षित हो रहें
कह कर चला गया
गढ्ढे भी तो प्रकृति के ही बनाए हुए हैं
न बारिश होती न उसके चेहरे का श्रृंगार हटता
इतनी बेरहमी भी ठीक नहीं
आखिर मिलवाया तो ऐसे शख्स से
जो सामाजिक सरोकारों से वास्ता तो रखता है
जहाँ बाजार जोरों पर हो वे अधिक संख्या में बनते हैं
गढ्ढों की जय हो
@वसुंधरा मिश्र, 10.9.2022
Saturday, September 10, 2022
नाट्य उत्सव शरत सदन 22 उमा झुनझुनवाला
पश्चिम बंग हिंदी अकादमी द्वारा द्वितीय राष्ट्रीय नाट्य उत्सव का उद्घाटन समारोह संपन्न --बंगाल नाट्य संस्कृति की धरती में हिंदी और बांग्ला नाटक एक- दूसरे से जुड़े हुए हैं :डॉ सोमा बंदोपाध्याय - - -
माननीय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अनुप्रेरणा थथथसेस्व पश्चिम बंग हिंदी अकादमी के सूचना और संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित द्वितीय राष्ट्रीय हिंदी नाटक उत्सव के उद्घाटन समारोह में डायमंड हार्बर विश्विद्यालय और शिक्षण प्रशिक्षण से संबद्ध कुलपति प्रो सोमा बंदोपाध्याय ने अपने बहुमूल्य वक्तव्य में कहा कि बंगाल ही वह सांस्कृतिक भूमि है जहाँ नाटकों के विकास की लंबी परंपरा रही है। नाटकों के इतिहास को रेखांकित करते हुए कहा कि बंगाल में वृन्दावन लाल वर्मा, भगवती चरण वर्मा आदि से लेकर श्यामानंद जालान, प्रतिभा अग्रवाल ,उषा गांगुली,अजहर आलम, प्रताप जयसवाल आदि नाटककारों और उनकी नाट्य संस्थाओं के महत्वपूर्ण योगदान से हिंदी नाटकों को पहचान मिली। बंगाल की धरती पर ही पहली बार बंगाली स्त्रियों ने नाटकों में अभिनय किया। हिंदी नाटकों में बंगाली महिलाओं ने अभिनय किया। रंगकर्मी, पदातिक, लिटिल थेस्पियन, अभिनव आदि विभिन्न हिंदी नाट्य संस्थाओं में बांग्लाभाषी भी अभिनय कर रहे हैं। बंगाल में सभी भाषाओं का सम्मान रहा है। वर्तमान सरकार द्वारा इस प्रकार के नाट्य उत्सव आयोजित करना महत्वपूर्ण कदम है। इस कार्यक्रम के प्रथम दिन लिटिल थेस्पियन द्वारा 'रेत और इंद्रधनुष' कोलाज नाटक की प्रस्तुति दी गई जिसका निर्देशन उमा झुनझुनवाला ने किया। द्वितीय दिन पदातिक नाट्य संस्था के निर्देशन में ताजमहल और तृतीय दिन मुश्ताक काक के नाटक आधी रात के बाद का मंचन किया जाएगा।
तीन दिवसीय राष्ट्रीय नाट्य उत्सव के प्रथम दिवस में उद्घाटन समारोह में डॉ सोमा बंदोपाध्याय कुलपति डायमंड हार्बर विश्विद्यालय और शिक्षण प्रशिक्षण ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। पश्चिम हिंदी अकादमी के सदस्य सचिव गौतम गांगुली, हावड़ा जिला परिषद के उप सभापति अजय भट्टाचार्य, हावड़ा डेवलपमेंट के एडीएम अज़हर जिया, हावड़ा जिला परिषद के कर्माध्यक्ष श्रीधर मंडल और पश्चिम बंग हिंदी अकादमी के अधिकारीगण ने अपने वक्तव्य रखे। जिला सूचना व संस्कृति कार्यालय, हावड़ा की व्यवस्था में शरत सदन हावड़ा के सभागार में आयोजित यह नाट्य उत्सव तीन दिनों तक सात आठ नौ सितंबर तक चलेगा। समारोह सत्र के पश्चात शशि सहगल की कविताओं के कोलाज रेत और इंद्रधनुष कविता कोलाज की नाट्य अभिनयात्मक प्रस्तुति दी गई जिसमें लिटिल थेस्पियन के कलाकारों हीना परवेज़, पार्वती कुमारी शॉ, प्रियंका सिंह, पूर्णिमा मेहरा, नेहा यादव, मनोहर कुमार झा, इंतेख़ाब वारसी, रितेश कुमार राव, राकेश, राहुल शर्मा ने मंचीय प्रस्तुति दी। प्रकाश परिकल्पना जॉयदीप रॉय, ध्वनि संचालक सब्यसाची पाल और निर्देशन उमा झुनझुनवाला का रहा।
लिटिल थेस्पियन एस एम अज़हर आलम और उमा झुनझुनवाला द्वारा 1994 में स्थापित अखिल भारतीय स्तर की भारतीय नाट्य संस्था है जिसका उद्देश्य समाज में कला और संस्कृति का विकास है। इस संस्था की सह संस्थापक और निर्देशिका उमा झुनझुनवाला पचास से अधिक नाटकों में अभिनय कर चुकी हैं और बंगाल में युवा पीढ़ी को नाट्य कला की शिक्षा प्रदान कर हिंदी नाट्यकला को समृद्ध कर रही हैं। उमा झुनझुनवाला द्वारा निर्देशित रेत और इंद्रधनुष नाट्य प्रस्तुति प्रसिद्ध कवयित्री डॉ शशि सहगल की बीस कविताओं का एक खूबसूरत कोलाज है जिसमें कलमकार के आंतरिक और बाहरी संघर्ष के ब्यौरे को भावों को अभिनयात्मक रूप में दर्शाया गया है। साथ ही इंद्रधनुषी रंगों से रेत होते ख्वाबों के मध्य एक नई राह की तलाश कर सकारात्मक दृष्टि से भरपूर ऊर्जा से भरा संदेश दिया गया है।इस अवसर पर कोलकाता और हावड़ा के हिंदी शिक्षक शिक्षिकाएं, विद्यार्थियों और नाटक प्रेमियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम की जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने ।
Friday, September 9, 2022
रिपोर्ट - भवानीपुर कॉलेज में शिक्षकों को प्रणाम
भवानीपुर कॉलेज में शिक्षकों को किया प्रणाम - - भवानीपुर एजूकेशन सोसाइटी कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा जुबली सभागार में शिक्षक दिवस का भव्य आयोजन शिक्षकों को प्रणाम कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम का आरंभ गणेश नृत्य से हुआ। कॉलेज के डायरेक्टर जनरल डॉ सुमन मुखर्जी ने शिक्षक दिवस पर अपना प्रेरक वक्तव्य दिया। टीआईसी डॉ पिंकी साहा सरदार ने बांग्ला कविता का पाठ किया। क्रिसेंडो इन एक्ट, फैशनिस्टा, फ्लेम क्लासिकल और वेस्टर्न ने अपने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गीत संगीत, फैशन, लघु नाटक, शास्त्रीय और बॉलीवुड नृत्य किए गए। इस अवसर पर वॉलंटियर्स आर्ट एंड मी के विद्यार्थियों ने शिक्षक दिवस पर सभागार की सजावट की। डीन प्रो दिलीप शाह , प्रो मीनाक्षी चतुर्वेदी, प्रो दिव्या उदेशी ने कार्यक्रम संयोजन में सहभागिता की।सभी शिक्षकों को उपहार और नाश्ता दिया गया। अतिका खान और तुषिता चुगानी ने कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यक्रम की जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने ।
Friday, September 2, 2022
तिरंगा है हमारी आन-बान और शान अर्चना ने मनाया अमृत महोत्सव 22
तिरंगा है हमारी आन-बान और शान अर्चना ने मनाया अमृत महोत्सव - -
अर्चना संस्था ने अमृत महोत्सव के पावन अवसर पर देशभक्ति की रचनाएं सुनाई और अमृत महोत्सव वर्ष पर अपनी कलम को धार देते हुए स्वरचित रचनाओं की प्रस्तुति दी। डॉ वसुंधरा मिश्र ने 75वीं स्वतंत्रता दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए कविता आओ देश से माफी मांगें, विद्या भंडारी ने चोट है हौसला,दृढ संकल्प लीजिए हथियार बनाकर कलम को,कुछ तो नया कीजिए ।नौरतनमल भंडारी ने , तिरंगा है हमारी आन-बान और शान, हम सबको गर्व है,देश हमारा है महान कभी रूके ना,कभी झुके ना,देश हमारा।उषा श्राफ ने आज़ादी का अमृत महोत्सव आज हम मना रहे, मृदुला कोठारी ने नई उमंगे नई तरंगे नव उल्लास मनाएं, आओ हिलमिल आज तिरंगा धरती पर फहराएं,
भारती मेहता ने हर भारतीय के चेहरे में पूरा भारत दिखाईं देता है ।, बनेचंद मालू नेे आजादी की कहानी कविता, हिम्मत चौरडिया प्रज्ञा ने कुण्डलिया-आजादी की आड़ ले, भूल रहा संस्कार।गीत-सागर जिसके पाँव पखारे, सुरपति करे बखान।गूँज उठे धरती पर फिर से, जय जय हिन्दुस्तान।।, सुशीला चनानी ने क्षणिकायें और गीत राजनीति का एक ही कायदा, बन जाओ सूरजमुखी का फूल, मुड़ जाओ जिधर हो फायदा, 15 अगस्त के बाद कौन करता है तिरंगे को याद।, इंदू चांडक ने गूँज उठे जल थल और नभ मेंभारत मेरा महान,स्वरचित रचनाओं की प्रस्तुति दी।संगीता चौधरी ने अमृत महोत्सव पर सभी को शुभकामनाएँ प्रेषित की। देश प्रेम की भावना से ओतप्रोत कविताओं के साथ इंदु चांडक ने अॉन-लाइन जूम पर संचालन किया।धन्यवाद ज्ञापन किया सुशीला चनानी ने।
भवानीपुर कॉलेज की कैंटीन में ओपन माइक कार्यक्रम( रिपोर्ट)
भवानीपुर कॉलेज की कैंटीन में ओपन माइक---
भवानीपुर एजूकेशन सोसाइटी कॉलेज के विद्यार्थियों ने कॉलेज की पुननिर्मित आधुनिक कैंटीन में ओपन माइक कार्यक्रम में गीत, संगीत, गज़ल, शायरी और कविताओं का भरपूर आनंद लिया। यह कॉलेज में प्रथम बार है जहाँ कैंटीन में विद्यार्थियों ने अपनी भावनाओं का आदान-प्रदान किया गया । प्रो दिलीप शाह ने सभी विभागों के विद्यार्थियों को उत्साहित करते हुए कार्यक्रम की शुरुआत की और चाय पर एक कविता सुनाई। पूरी कैंटीन में विद्यार्थियों ने फुड स्नेक्स चाय छाछ कॉफी पेस्ट्री कचौडी सब्जी आदि विभिन्न खाने-पीने की वस्तुओं को खाते हुए गीत, कविता और शायरी सुनी। कॉमर्स, पोलिटिकल साइंस, विज्ञान, अंग्रेजी आदि सभी विभागों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। गीटार पर देवांग नागर और प्रियांशु दत्ता ने अपने गीतों से सभी का मन मोह लिया। आतिका खान ने ओपन माइक का संचालन किया और संयोजन मोहम्मद शाकिर हुसैन का रहा ।हर्ष केसरी, भावना जगनानी, मसूद आतिफ, अंशु अग्रवाल, मोहम्मद फरहान अहमद, प्रियांशु शर्मा, संस्कार केसरी, अब्दुल रज्जाक, कौशल कुमार सिंह, साहिल लखमानी, राहुल कुमार यादव, नेहा मंडल, प्रियांशु दत्ता विद्यार्थियों और शिक्षकों में डॉ वसुंधरा मिश्र ने ओपन माइक में प्रमुखता से भाग लिया।स्पोर्ट्स एरिना विभाग के रूपेश गांधी की उपस्थिति रही। इस कार्यक्रम की जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने ।
माँ (कविता)
माँ
जब नहीं होती है माँ
तभी बहुत याद आती है माँ
यूँ तो हवा की तरह कब
सांसो में आती जाती रहती थी
कब पानी की तरह अपनी ममता से प्यास बुझाती रहती थी
कब खाने की तरह हमारी भूख मिटाती रहती थी
कुछ पता नहीं चलता था
उसका होना अपने वजूद से
इस कदर जुड़ा रहता था कि कभी अलगाव ही महसूस नहीं होता
पर जब नहीं होती है माँ
तभी बहुत याद आती है माँ
आज नहीं होने पर होता है महसूस कि माँ तुम मेरे लिए चिराग जिन थी
जो मेरी हर जरूरत को चुटकी में पूरा कर दिया करती थी
कब कैसे नींद ना आने पर थपकियों से सुला दिया करती थी
सपनों को मेरे साकार कर आकार दिया करती थी
सच ही माँ तुम चिराग जिन हुआ करती थी
@वसुंधरा मिश्र, 22.8.2022
Thursday, September 1, 2022
भवानीपुर में नेक्सस 22 (रिपोर्ट)
भवानीपुर कॉलेज में नेक्सस 22 का उद्घाटन किया ऋषभ कोठारी ने - - -
भवानीपुर एजूकेशन सोसाइटी कॉलेज द्वारा आयोजित दो दिवसीय नेक्सस 22 का उद्घाटन मर्चेंट चेम्बर अॉफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष ऋषभ कोठारी ने दीपमाला प्रज्वलित कर किया जिसमें कोलकाता के प्रसिद्ध चौदह कॉलेज जैसे आशुतोष कॉलेज , स्कॉटिश चर्चकॉलेज, टीएचके कॉलेज, हेरिटेज एकेडमी आदि के प्रतिनिधियों ने भी साथ दिया।यह कार्यक्रम कॉलेज के जुबली सभागार में संपन्न हुआ। दो दिन चलने वाले इस कार्यक्रम में विभिन्न इवेंट्स में बहुत ही महत्वपूर्ण और समसामयिक विषयों पर कॉलेजों के विद्यार्थियों ने प्रतिभागी बनकर हिस्सा लिया। भवानीपुर कॉलेज का विद्यार्थी आदित्य अग्रवाल बीबीए तृतीय वर्ष जिसने नेक्सस के इवेंट अपना विषय रखा फंडिंग और आर ओ आई के अंतर्गत कार्बन, फार्मिंग और कार्बन ट्रेडिंग पर अपने विचार रखे ।प्रमुख रूप से ड्रीम टू डॉन, नेक्स्ट बिग बैंकरप्सी, दी ग्रेट ओवरहॉल, सोशयल मिडिया टाइकॉन, दी सूट स्क्वाड, स्पेशल परफार्मेंस, अंडर दी हैमर, कोर्पोरेट चाणक्य आदि विभिन्न इवेंट्स रहे जिसके अंतर्गत चौदह कॉलेज के विद्यार्थियों ने भाग लिया। आशुतोष कॉलेज, टीएचके कॉलेज, जीडी बिरला हैरिटेज एकेडमी, स्कॉटिश चर्चकॉलेज, श्री शिक्षायतन कॉलेज, शिवनाथ शास्त्री कॉलेज आदि कॉलेजों ने बढ़चढ़कर भाग लिया। विनय चौधरी, अभिषेक टेकरीवाल निर्णायक मंडल में रहे ।कोर्पोरेट चाणक्य में स्कॉटिश चर्चकॉलेज, श्री शिक्षायतन कॉलेज, हेरिटेज एकेडमी, शिवनाथ शास्त्री कॉलेज,भवानीपुर एजूकेशन सोसाइटी कॉलेज, मौलाना आजाद कॉलेज आदि कॉलेज की टीम ने हिस्सा लिया जिसमें कई महत्वपूर्ण प्रोडक्ट के विषयों जैसे,टाटा ग्लूको प्लस, पत्रावली, ड्रीम केक, नायज़पोड्स वायरलेस हेडफोन, प्राकट जो प्राकृतिक कटलरी पर था। निर्णायक मंडल ने मार्केटिंग, कॉस्ट और वितरण संबंधित कई प्रश्न किए । इन्स्टाग्राम पर 'हम भी इको फ्रेंडली' शीर्षक से भवानीपुर कॉलेज के विद्यार्थियों ने अपना प्रेजेंटेशन दिया जो सराहनीय रहा। टीएचके कॉलेज के विद्यार्थियों ने 'जूट वाला' प्रोडक्ट के विषय में विस्तार से जानकारी दी।गौरव बाजोरिया, सुधीर बांठिया, चंद्रेयी बागची, सिद्धार्थ मल्लिक, सृष्टि चेतनी, अंकुर चतुर्वेदी, विनय चौधरी, अभिषेक टेकरीवाल और सिद्धार्थ मल्होत्रा निर्णायक मंडल में रहे।इस दो दिवसीय नेक्सस में सत्तर से अधिक वालेन्टियर्स ने नेक्सस में होने वाले हर विषय से संबंधित प्रबंधन और व्यवस्था में योगदान दिया। अंडर दि हैमर इवेंट के अंतर्गत आईपीएल अॉपशन में ग्यारह कॉलेज की टीम के विद्यार्थियों ने बहुत ही उत्साह से भाग लिया जिसे गौरव बाजोरिया द्वारा संचालित किया गया। विद्यार्थियों को आईपीएल के खिलाड़ियों का अॉक्शन करवाया और टीम को प्रोत्साहित किया जिसकी परिकल्पना हूबहू आईपीएल के आप्शन के अनुरूप रही। कॉलेज के जुबली हॉल, कॉन्सेप्ट हॉल और प्लेसमेंट हॉल में दोनों दिन पूरे दिन कार्यक्रम चले। सभी वोलिंटियर्स, निर्णायक मंडल को लंच पेकेट भी दिए गए। चौबीस अगस्त चार बजे नेक्सस के समाप्त होने पर सभी जीते हुए विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में 350 विद्यार्थियों और चालीस से अधिक शिक्षकों और शिक्षिकाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।प्रो दिव्या ने वोलिंटियर्स की टीम का चुनाव किया और उनके कार्यों का ब्यौरा लिया। ७डीन प्रो दिलीप शाह और प्रो मीनाक्षी चतुर्वेदी ने सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया। भवानीपुर कॉलेज, जेडी बिरला कॉलेज, शिक्षायतन कॉलेज, आशुतोष कॉलेज के विद्यार्थियों को कई प्रतियोगिता में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने ।
भवानीपुर कॉलेज में विद्यार्थियों के लिए प्लेसमेंट ड्राइव (रिपोर्ट)
भवानीपुर कॉलेज में विद्यार्थियों के लिए प्लेसमेंट ड्राइव - - भवानीपुर एजुकेशन सोसाइटी कॉलेज ने कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया।इसके लिए दस कंपनियाँ मौजूद थीं। प्रमुख कंपनियों में
प्लेक्सस प्रबंधन सेवाएं, जीआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड, अंत्योदय व्यावसाय प्रा। लिमिटेड, कानून बिंदु प्रकाशन, रिवर्स फैक्टर,कोफुकु टेक्नोलॉजीज प्रा. लिमिटेड, अडांसा सॉल्यूशन प्रा. लिमिटेड, लीवरेज्ड ग्रोथ प्रा. लिमिटेड, टोपुनी नेटवर्क, एरुडाइट रहीं
प्लेसमेंट ड्राइव का संचालन प्रो. मीनाक्षी चतुर्वेदी, प्रो. दिव्या पी उदेशी के साथ छात्र मामलों के डीन प्रो. दिलीप शाह ने किया। कुल 153 छात्रों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 75 को शॉर्टलिस्ट किया गया। कॉलेज उनके उज्जवल भविष्य की कामना करता है।अक्षिता सूरी और डॉ वसुंधरा मिश्र ने कार्यक्रम की जानकारी दी ।
भवानीपुर कॉलेज में प्रोग्रामिंग भाषा पायथन पर परिचर्चा (रिपोर्ट)
भवानीपुर कॉलेज में प्रोग्रामिंग भाषा पायथन पर परिचर्चा - - - भवानीपुर एजूकेशन सोसाइटी कॉलेज के प्लेसमेंट हॉल में प्रोग्रामिंग भाषा पायथन पर 'पायथन का परिचय' विषय पर एक संगोष्ठी आयोजित की गई। प्रारंभ में कॉलेज के डीन प्रो. दिलीप शाह ने उद्घाटन भाषण दिया तत्पश्चात कार्यक्रम के संयोजक नेहल मेहता ने कार्यक्रम की रूपरेखा दी। इसके बाद स्पीकर डेटा विश्लेषक धनंजय दास ने इस प्रोग्रामिंग भाषा के विषय में विस्तार से जानकारी दी जो आज के समय में आवश्यक है। डेटा संचालित निर्णय लेने के लिए डेटा एनालिटिक्स का उपयोग करता है।यह कार्यक्रम पच्चीस अगस्त को सुबह किया गया।
जब किसी व्यक्ति को अपने निर्णयों का समर्थन डेटा के साथ करना हो, न कि केवल पिछले अनुभवों के साथ तब इसकी उपयोगिता है। उपयोग की जाने वाली तकनीक ईआरपी बिजनेस एप्लिकेशन, इंफॉर्मेटिका, एल्टरी एक्स, एसक्यूएल सर्वर, पायथन और पावरबी कुछ नाम हैं। इन उपकरणों के संयोजन से ही व्यक्ति को डेटा प्राप्त होता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी कंपनी का लक्ष्य 5 बिलियन डॉलर प्राप्त करने का है, लेकिन वह केवल 4.5 बिलियन डॉलर ही प्राप्त कर सकती है, तो किसी को बीच की समस्या को देखना होगा। समस्या को पायथन, एक्सेल जैसे उपकरणों के माध्यम से डेटा विश्लेषण के माध्यम से डेटा की पहचान के माध्यम से हल किया जाना है। मशीन लर्निंग पिछले व्यवहार से सीख रहा है और एआईएमएल तकनीक के माध्यम से भविष्यवाणी कर रहा है। परीक्षण परिकल्पनाओं के माध्यम से आउटपुट के प्रति उत्तेजनाओं की प्रतिक्रिया के माध्यम से ग्राहक सेवा में सुधार किया जा सकता है। बिजनेस सिमुलेशन आउटपुट बनाने के लिए इनपुट का एक संयोजन है।
प्रोग्रामिंग भाषा पायथन का आविष्कार 1991 में किया गया था। यह नाम एक प्रचलित टेलीविजन शो पर आधारित था। पायथन एक उच्च-स्तरीय, व्याख्या की गई, वस्तु उन्मुख और अधिक उद्देश्य वाली प्रोग्रामिंग भाषा है। 2008 पायथन के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ था क्योंकि इसके बाद इसका व्यापक रूप से उपयोग किया जाने लगा। गुइडो वैन रोसुम द्वारा विकसित इस कोडिंग प्रोग्राम ने इसके उपयोग ने जावा को भी पीछे छोड़ दिया। पायथन एक बहुउद्देशीय कोडिंग एप्लिकेशन है जिसका उपयोग वेब डेवलपमेंट, डेटा एनालिटिक्स, एंड्रॉइड डेवलपमेंट के लिए किया जाता है। पायथन का उपयोग करना आसान है, इसमें संसाधन उपलब्धता है, यह बहु-इंटरफ़ेस और ओपनसोर्स है। सैद्धांतिक पहलुओं के बाद वक्ताओं ने विद्यार्थियों को पायथन की आवेदन प्रक्रिया के विषय में समझाया। अंत में वक्ताओं ने विद्यार्थियों के पायथन संबंधित भ्रमों का भी समाधान किया। हॉल में उपस्थित सौ से अधिक विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। डॉ वसुंधरा मिश्र ने अतिथि वक्ता का कॉलेज मोमेंटो प्रदान कर स्वागत किया।
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