उनका आना हो या न हो दिलों को जोड़ते चलो
कुछ तो बात है उनकी नजरों में जो वेअपने बने
लोग कहते हैं कि वे अपने उसूलों के पक्के है
तो क्या
कोई तो समझ ले उन्हें करीब से
रखें हैं जिसने जो पत्थर नींव के
उनके जज्बे को सलाम करते चलो
न जाने उन कांटो पर कितने ही लोग चले
लहूलुहान हो राह पर डटे रहे
ऐ मेरे दोस्त उनकी बेवफाई को भूलते चलो
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