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Saturday, July 31, 2021

आज फिर

 देखा अभी-अभी मैंने दस पंक्तियाँ लिखी थी और वे कहाँ चलीं गईं, समझ ही नहीं आया। नई तकनीक में काम करने की आदत तो थी ही नहीं। वही घिसे-पिटे ढर्रे पर चल रहे थे।कलम से कागजों में घिसना और कागजों पर अपने भावों को लिखना।

कितने ही कागज, कलमों को बर्बाद किया गया। पेन की निबें तोड़ी और सुलेखा स्याही को भरते रहते। पेन को घिस घिस कर लिखते रहे। अरे कॉपी पेस्ट हो गया। करना था कुछ हो गया कुछ। खैर कारगिल युद्ध में शहीद हुए हमारे जांबाज सैनिकों को नमन। कोई बात नहीं, आज ये रिपोर्ट पढ़ें। 

 

 तिरंगा फहराऊंँगा या तिरंगे में लिपट कर आऊंँगा : परमवीर चक्र विक्रम बत्रा करगिल शहीद के उद्गार - - - -

भवानीपुर एजूकेशन सोसाइटी कॉलेज की एन सी सी 31 बंगाल बीएन एनसीसी और नम्बर एक (बी) एयर स्क्वेन्ड्रान ने मिलकर अॉन-लाइन 'कारगिल विजय दिवस' मनाया। परम वीर चक्र कैप्टन विक्रम बत्रा के पिता श्री गिरधारीलाल बत्रा और माननीय लेफ्टिनेंट सूबेदार मेजर योगेन्द्र सिंह यादव जिन्हें सबसे कम उम्र में परमवीर चक्र मिला, इस अवसर पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में कॉलेज के डीन प्रो दिलीप शाह और टीआईसी डॉ सुभब्रत गंगोपाध्याय ने अमर जवान ज्योति पर देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले सभी शहीदों को नमन किया। प्रो. शाह ने सम्मानीय अतिथियों का स्वागत किया। कॉलेज में होने वाले सामाजिक कार्यों की गतिविधियों पर चर्चा की। जैसे 'रीच आउट' प्रोजेक्ट में  एसीसी के केडेटों ने कोरोना महामारी के मरीजों को दवाई, बेड, अॉकसीजन की व्यवस्था की, 'कर्तव्य 'प्रोजेक्ट में हर शुक्रवार को अलग - अलग क्षेत्रों में सौ से दो सौ गरीब बच्चों को भोजन देना, कॉलेज द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर  बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने के लिए विद्यालय का चलाना,' प्रतिध्वनि' प्रोजेक्ट में बांग्ला माध्यम से पढ़ने वाले कक्षा दस के अंधे बच्चों के लिए अॉडियो पाठ तैयार करना जिससे वे बार बार पाठ को याद कर सकें। 

विजय कारगिल दिवस के अवसर पर कैप्टन विक्रम बत्रा के पिता ने अपने शहीद बेटे की असाधारण प्रतिभा और देश के प्रति उनके जज्बातों और जुनून के विषय में बचपन से कैप्टन तक की यात्रा के विषय में विस्तार से जानकारी दी कि कैसे वीरता से वे अपने दुश्मन के सैनिकों से लड़ते हुए शहीद हुए जो आज के युवाओं के लिए प्रेरणादायी है।कैप्टन विक्रम  'टाइगर अॉफ ड्रास' , 'दि लॉयन अॉफ कारगिल' और 'कारगिल हीरो' के नाम से विख्यात हैं। एक पिता के रूप में वे हमेशा यही चाहते थे कि उनके बच्चे साहसी हों।कारगिल में उनके नाम से बत्रा टावर है।। गिरधारी लाल बत्रा की पुस्तक 'परमवीर विक्रम बत्रा दि शेरशाह अॉफ कारगिल 'में कैप्टन विक्रम पर फिल्म शेरशाह भी बनी है जो 12 अगस्त को रिलीज़ भी हो रही है।

कैप्टन विक्रम ने अपने पिता से वादा किया था कि डैडी मैं या तो तिरंगा फहरा कर आऊँगा या फिर तिरंगे में लिपट कर आऊँगा। पिता गिरधारीलाल खुश हैं कि उनके बेटे ने दोनों ही वादे निभाए। इस अवसर पर देश भक्ति गीत, कारगिल पर तिरंगे फहराने के पोस्टर प्रतिस्पर्धा भी हुई। 1999 में हुए कारगिल युद्ध के तीन अॉपरेशन विजय, तलवार और सफेद सागर के विषय में एनसीसी जानकारी दी।

कॉलेज की कोऑर्डिनेटर प्रो मीनाक्षी चतुर्वेदी ने 19 वर्ष की छोटी आयु में परमवीर चक्र प्राप्त करने वाले लेफ्टिनेंट सूबेदार मेजर योगेन्द्र सिंह यादव का परिचय दिया और उनकी वीरता की चर्चा की। 17 गोलियों के लगने से घायल और छाती पर भी एक गोली खाने वाले योगेन्द्र सिंह ने दुश्मनों के सामने घुटने नहीं टेके। अंत तक लड़े और देश को विजय दिलाई। ऐसे वीर और जांबाज को सुनने का अवसर मिला। योगेन्द्र सिंह ने अपने वक्तव्य में कारगिल की उस पहाड़ी के विषय में जानकारी दी जहांँ दो रात चलकर पहुंँचे और दुश्मन सेना से लड़े, अपने छह साथियों को खोया। फिर भी हौसला न खोते हुए  पांँच दुश्मन सैनिकों को अकेले मारा। उस समय आँखों के सामने बस देश की विजय का मिशन होता है।बचपन से देश के लिए कुछ करने वाले योगेंद्र सिंह का सपना इतनी जल्दी पूरा होगा ऐसा उन्होंने नहीं सोचा था जबकि परमवीर चक्र भी मिला। हिन्दुस्तान की मिट्टी में जन्म लेना सार्थक हो गया। हर भारतवासी को माँ भारती को धन्यवाद देना चाहिए। मेजर योगेन्द्र ने कहा कि हमारे अवचेतन मन में जो बात बैठ जाती है उसमें आस्था, विश्वास और स्वाभिमान हो तो व्यक्ति ऐसे असंभव कार्य भी कर जाता है जो उसके शारीरिक सामर्थ्य से अधिक होता है। एनसीसी के कैडट और भवानीपुर कॉलेज के विद्यार्थियों को देश प्रेम के लिए प्रोत्साहित किया। कारगिल युद्ध के दौरान स्त्री योद्धाओं फ्लाइट कमांडो गुंजन सक्सेना और प्रथम हेलीकॉप्टर चलाने वाली श्री विद्या राजन की अनकही कहानी भी सुनी गई । 

पूजा मिश्रा की देश भक्ति कविता का पाठ कैडट अंजली ने किया। कैडट कैप्टन आदित्य राज और कैडट अरित्रिका दूबे ने एनसीसी बटालियन के सभी कैडट को धन्यवाद दिया, अंत में देश भक्ति गीत की नृत्य प्रस्तुति में तिरंगा फहराया गया ।एनसीसी की समन्वयक प्रो. मीनाक्षी चतुर्वेदी ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। कार्यक्रम का संचालन कैडट सबिया ने किया। डॉ वसुंधरा मिश्र ने कार्यक्रम की जानकारी दी ।


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