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Monday, August 8, 2022

आई सावनिए री तीज अर्चना संस्था गोष्ठी 2022

कभी टप टप तो कभी मूसलाधार - - अर्चना संस्था ने किया वर्षा का स्वागत - - अर्चना संस्था की ओर से आयोजित गोष्ठी में अर्चना संस्था के सदस्यों ने वर्षा ऋतु का स्वागत करते हुए अपनी-अपनी स्वरचित रचनाएँ और गीत पढे़।इंदू चांडक ने मनहरण छंद बरखा बहार आई, हरियाली मन भाई मन मोर नाच रहा,आई ऋतु रानी, उमड़ घुमड़ कर रुमझुम रुमझुम बदरा छाए आज गगन में, मृदुला कोठारी ने सतरंगी सावनी गोष्ठी में नन्हे काले भूरे बादल झूम रहे मेरे गांव में, राजस्थानी गीत आई आई सावनिए री तीज, मीना दूगड़ ने सावन का महिना हरितिमा की बौछार, प्रकृति रमणी ने सजे सोलह श्रंगार, बनेचंद मालू नेे कभी टप टप , तो कभी मूसलाधार, हिम्मत चोरडिया ने, कुण्डलिया मेघ बजाते ढ़ोल अब, जागो रे इंसान।सुशीला चनानी ने ,दोहा सावन की सखी क्या कहूँ ,अजब निराला ढंग, शशि कंकानी ने प्यार के रिश्तो से बंँधकर, गहरा हो जाता है राखी का रंग, डॉ वसुंधरा मिश्र ने बारिश से पहले और बारिश के बाद कविता सुनाई। कार्यक्रम का संचालन किया इंदू चांडक ने और धन्यवाद ज्ञापन किया मृदुला कोठारी ने। सभी उपस्थित सदस्यों ने जूम अॉन-लाइन पर वर्षा ऋतु के मनोहारी प्रकृति के साथ अपने भावों को जोड़ते हुए स्वरचित रचनाएँ पढी़ंऔर गीतों की प्रस्तुति दी।

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