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Friday, April 22, 2022

छपते छपते हिंदी दैनिक की रविवारीय चिंतन राजनीति का अपराधीकरण पर टिप्पणी

राजनीति का अपराधीकरण - भारतीय लोकतंत्र का कैंसर लेख चुनाव के इस दौर में बहुत ही महत्वपूर्ण और समसामयिक है ।भारत में राजनीति के अर्थ बिल्कुल ही बदल गए हैं। यह गुंडों और अपराधियों के संस्थान हो गए हैं जो आने वाले समय के लिए गंभीर संकट के संकेत हैं। देश के महत्वपूर्ण स्थानों पर यदि बाहुबली किस्म के लोग रहेंगे तो शिक्षा, न्यायपालिका, व्यापार, उद्योग व जैसे बहुत से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नैतिक मूल्यों और जिम्मेदारियों की कमी होगी। सभी कार्य उन्हीं के हित के अनुरूप होगें जो लोकतांत्रिक व्यवस्था को मटियामेट कर सकते हैं । फिल्मी दुनिया हो या धर्म हो या फिर पुलिस प्रशासन हो इन सबके लिए खतरा है। भारतीय मीडिया भी इस आपराधिक चंगुल से नहीं बच पा रहा है। कानून या विधि व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है। आपका लेख देशवासियों के लिए आँखें खोलने वाला है। बधाई और शुभकामनाएं - डॉ वसुंधरा मिश्र, कोलकाता 🙏

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