Sunday, February 12, 2023
लिट्टी चोखा (कविता)
लिट्टी चोखा का साथ बरसों-बरस का है
चावल दाल रोटी सब्जी का साथ भी
आलू पालक बैंगन सुआ का मेल
गुड़ बाजरे की रोटी
मकई की रोटी सरसों का साग
बाजरे की खिचड़ी राबड़ी
दाल मीठा दलिया सूखे आलू
दाल बाटी चूरमा
लहसून काचरी की चटनी
आंवले की चटनी
छोंकी मिर्ची
नींबू की बूंदें काले नमक में अदरख
फिर गाजर का हलवा और मेथी गोंद के लड्डू
और फिर मेथी मूली गोफी पनीर पराठें
मटर निमोना
चटनी अचार
पापड़ के साथ
ये सब अब रोज नहीं बनते
पहले मन से खाते खिलाते थे
अब तो मैगी चाट मसाला
चट पट बन जाते
बच्चे भी खूब मजे से खाते
कैसे बदलें ज़ायका?
विदेशी से फिर देसी का
रेस्तरां से फिर घर की रसोई का
अपने-अपने स्वाद हैं
बनाने के अपने मजे हैं
लिट्टी बाटी चोखा
जो बना कर थक जाए
खानेवाला खा खा कर थक जाए
@वसुंधरा मिश्र, 7.1.23
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