Monday, December 11, 2023
टिप्पणी छपते छपते हिंदी दैनिक
बड़ाबाजार का तेजी से बदलता सामाजिक परिवेश
दुष्चिन्ताओं से परेशान हैं कुछ लोग
बड़ा बाजार का इतिहास मारवाड़ी समाज द्वारा ही शुरु किया गया था। राजस्थान से आकर लोगों ने कलकत्ता के बड़े बाजार को केंद्र बनाकर व्यवसायिक क्षेत्र में विशिष्टता प्राप्त की और पूरे देश में अपनी जाति, धर्म और संस्कृति को बढ़ावा दिया। साथ ही अपनी दूरदर्शिता और विस्तृत मानसिकता से पश्चिम बंगाल की आर्थिक वृद्धि में उन्नति की। मारवाड़ी जाति ने सदैव समरसता में विश्वास किया।जनसाधारण के लिए शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों का निर्माण, जल व्यवस्था, हवेलियों और मकानों के निर्माण आदि के साथ समाज की लड़कियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए मारवाडियों के योगदान को सदियों तक याद किया जाएगा।
परिवर्तन हमेशा नये प्रयोग करता रहा है। यह साइकिल के पहिये की तरह है। मुस्लिम समुदाय की लड़कियां भी अब हिंदी स्कूलों अस्पतालों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का हिस्सा बन चुकी हैं और बहुत अच्छे कार्य कर रही हैं। कोलकाता का बाजार बहुत तेजी से उनके हाथों में भी जा रहा है। वे व्यवसाय में अधिक आ गए हैं।
यही वैचारिक उन्नति है।कहा जाता है कि समय की मांग के अनुसार ही समाज चले तो विकास होता है।
आपका रविवारीय चिंतन बहुत ही महत्वपूर्ण और समसामयिक है ।सभी का स्वागत किया जाना ही भारत की शोभा है। पश्चिम बंगाल कोलकाता में सर्वधर्मसमभाव की भावना रही है।
-डॉ वसुंधरा मिश्र
भवानीपुर एजूकेशन सोसाइटी कॉलेज
कोलकाता
26.11.2023
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