Saturday, March 4, 2023
मुक्ता मणि माला के दोहे
दोहे पृष्ठ
पृष्ठ 18 - -
1- हार को लक्ष्य से दूर ही रखना क्योंकि जीत का कोई विकल्प नहीं होता।
2- शक्ति जीवन है निर्बलता मृत्यु है।
विस्तार ही जीवन है संकुचन मृत्यु है।।
प्रेम जीवन है द्वेष मृत्यु है।
3- यदि आपमें क्रोध और अहंकार है तो आपको बर्बाद करने के लिए तीसरे की आवश्यकता नहीं।
4- धूम्रपान रते विप्रे दानं कुर्वन्ति ये नरा।
ते नरा नरकम् यान्ती ब्राह्मणों ग्राम सूकरा।।
5- चोरी चुगली चाकरी चमचागिरी को काम।
ये चारों च्चा मिले तो धरो चौधरी नाम।।
6- तीन सजावत देश को सती संत और सूर।
तीन लजावत देश को कायर कपटी क्रूर।।
7- पूरण गुरु अपार जो केवल ब्रह्म स्वरूप।
बारम्बार प्रणाम है चिद् घन परम अनूप।।
8-ज्ञानहीन गुरू स्त्याजो मिथ्या वादी विडम्बक।
स्व विश्रान्ति न जानाति परम शांति करोति किम्।।
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1- हमें तो अपनो ने लूटा, गैरों में कहाँ दम था।
मेरी किश्ती वहाँ डूबी जहां पानी बहुत कम था।।
2- अमीरों की गरीबी में अमीरत कम नहीं होती।
करो सोने के सौ टुकड़े कीमत कम नहीं होती।।
3- सुधहीना सरदार बुध होता राख्या मिनख।
अध तुरंग सवार राम रूखालो राजिया।।
4- आंधों चढ़गो ऊंट चढ़ता ही हांक्यां घणा।
मूरी गई छूट राम रूखालो राजिया।।
5- मोथा बुरी बलाया लूण घलावे खीर में।
खाबा दे न खाय रंग गमाया राजिया।।
6- कूख सरावो ठाकरा मति सरावो रूप।
जीजी बाई के लिए निपजिया वीर शिवाजी कुरूप।।
7- यदि भला किसी का करन सको तो बुरा किसी का मत करना।
अमृत पिलाने को न अगर तो जहर पिलाने से डरना।।
8- अर्ध मात्रा चिदानंदा भवघी - - - भव नाशिनी।
वेद त्रयी परानंता - - - तत्वार्थ ज्ञान मंजरी।।
9- संतोष हृदि संस्याय, सुखार्थो संयतो भवेत ।
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1- राम की अंधेरी रात में मन को न मायूस कर।
सुबह तो आयेगी जरूर सुबह का इंतजार तो कर।।
2- मत घबड़ा पतझड़ से मानव
धीरज धर ऋतुराज आ रहा।
नहीं ठहरती निशा निराशा
सूरज ले अरूणाभ आ रहा।।
3- हर तरफ तीरे नजर का मैं निशाना हो गया।
मुझे शौहरत क्या मिली दुश्मन जमाना हो गया।
4- मरने से नहीं डरते हम दारो रसल वाले। - - - -
पत्थर न मारे हमें शीशे के बदन वाले।।
5- मालिक तेरी रजा रहे और तू ही तू रहे।
बाकी न मैं रहूंँ नमस्ते न मेरी आरज़ू रहे।।
6- जब तक कि तन में जान रगों में लोहू रहे।
तेरा ही ज़िक्र या तेरी जुस्तजू रहे।।
7- जो बीत गई सो बीत गई, तकदीर का शिकवा कौन करे।
जब तीर कमान से निकल गया, उस तीर का पीछा कौन करे।।
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