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Thursday, February 1, 2024

कविता एक नया दिन

हर दिन एक नया दिन बन हर बार साथ में लाते प्यार जादू भरे शिव के सोमवार मंगल से पूर्ण मंगलवार बुद्धि विद्या से भरे बुधवार वृहस्पति है रत्नों के भंडार सुख-समृद्धि करे शुक्रवार बुराई को भस्म करते शनिवार सूर्य के रथ पर सवार रविवार जीवन विकास पथ को देते संवार @वसुंधरा मिश्र, भवानीपुर एजूकेशन सोसाइटी कॉलेज, कोलकाता

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