Friday, May 12, 2023
भवानीपुर कॉलेज में रवीन्द्र जयंती 23
भवानीपुर कॉलेज ने आई क्यू ए सी के तहत रवीन्द्र जयंती उत्सव मनाया - - -
भवानीपुर एजूकेशन सोसाइटी कॉलेज ने विश्वगुरु रवीन्द्र नाथ की 162वीं जयंती मनाई। जिसमें मुख्य रूप से विज्ञान विभाग बांग्ला विभाग कॉमर्स विभाग और अंग्रेजी विभाग ने धूमधाम से रवीन्द्र जयंती मनाई। विज्ञान विभाग की ओर से सांस्कृतिक और शिक्षा सफ़र कमेटी द्वारा आयोजित रवीन्द्र जयंती में विद्यार्थियों और शिक्षक शिक्षिकाओं ने रवीन्द्र गीत संगीत और नृत्य की प्रस्तुति दी जो बहुत ही अच्छी रही।8 मई को 11बजे सुबह हुए इस कार्यक्रम की समन्वयक डॉ सुवर्णरेखा भट्टाचार्य और प्रियंका बनर्जी रहीं ।
"हे नूतन! देखा दिक आर-बार/ जन्मेर प्रथम शुभक्षण" रवीन्द्र नाथ के जन्म तिथि को बहुत ही शुभ माना जाता है क्योंकि बंगाल ही नहीं पूरा विश्व उनके विचारों से लाभान्वित हुआ है । डीन प्रो दिलीप शाह और विज्ञान के विषयों से संबंधित विभागाध्यक्षों की उपस्थिति रही।
साहित्य संगीत कला के मर्मज्ञ और कवि कथाकार उपन्यासकार और नाटककार रवीन्द्र की प्रेरक पंक्तियाँ "एकला चलो रे" सभी के जीवन के लिए मंत्र की तरह है। बांग्ला विभाग की ओर से कवि गुरु को याद किया गया। अतिथि वक्ता प्रो विश्वनाथ राय बंग भाषा और साहित्य विभाग कलकत्ता विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यापक रहे हैं उन्होंने" रवीन्द्र नाथेर हस्ताक्षरेर विवर्तन औ तार नान्दिकता" विषय पर 11 मई को दोपहर में अपना सारगर्भित वक्तव्य रखेगें जिसमें रवीन्द्र नाथ के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तृत चर्चा करेंगे ।
मने रबे कि ना रबे आमारे /शे आमार मने नाई मने नाई/खने खने आसि तबे दुआरे /अकारणे गानगाई। इन पंक्तियों में रवीन्द्र सभी के पास आते हैं और सभी को अपना मानते हैं।
भवानीपुर कॉलेज के आर्ट्स विभाग और बांग्ला विभाग के साथ मिलकर पचीशी बैशाख आई क्यू ए सी द्वारा अनुमोदित रवीन्द्र जयंती का आयोजन 13 मई को सुबह 11.30 बजे से कॉन्सेप्ट हॉल में किया जाएगा जिसमें गीत, कविता, नाटक, कहानी की बहुत सुंदर प्रस्तुति दी गईं ।
कॉमर्स सांध्य विभाग की ओर से 15 मई शाम को आयोजित की जाएगी रवीन्द्र जयंती में सोलो रवीन्द्र गीत, समूह गीत, नृत्य और संगीत का आयोजन किया गया जिसमें विभाग के शिक्षक और शिक्षिकाओं ने भाग लिया।
भवानीपुर कॉलेज ने पूरे सप्ताह कवि गुरु रवीन्द्र पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। जानकारी दी डॉ वसुंधरा मिश्र ने ।
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